Bareilly Violence: बरेली। मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कस दिया है। शनिवार दोपहर सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुतुबखाना स्थित खान ऑप्टिकल एंड क्लिनिक पर छापा मारकर दुकान सील कर दी। टीम को मौके पर कोई पंजीकरण प्रमाणपत्र या डिग्री नहीं मिली। यह भी स्पष्ट हुआ कि नफीस के पास डॉक्टरी की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं है। वह केवल चश्मे की दुकान चलाता था और खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज करने लगा था। यह कार्रवाई शासन स्तर से मिले निर्देश के बाद हुई। इस दौरान बपूरी कार्रवाई गोपनीय रखी गई। शनिवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग की टीम कुतुबखाना पहुंची तो दुकान बंद मिली। लेकिन दुकान के बाहर नेम प्लेट लगी मिली। जिसके बाद डिप्टी सीएमओ लईक अंसारी ने आसपास के दुकानदारों से पूछताछ करने के बाद दुकान को सील कर दिया। Read this also: Bareilly violence: तौकीर रज़ा के सात सहयोगियों पर 15-15 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित

फर्जी डिग्री के आधार पर एफआईआर दर्ज

सीएमओ ने बताया कि क्लिनिक का न तो कोई रजिस्ट्रेशन मिला और न मानक पूरे मिले। अब फर्जी डिग्री के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब फर्जीवाड़े के आरोप में फर्जी डिग्री, अवैध चिकित्सकीय प्रैक्टिस और धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, नफीस लंबे समय से अपने नाम के आगे “डॉ.” लगाकर खुद को नेत्र विशेषज्ञ बताता था। वह आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर के करीबी होने का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित करता रहा। पिछले सप्ताह पुलिस की गिरफ्तारी के बाद उसकी असलियत खुली थी कि उसके पास न तो डॉक्टरी की पढ़ाई है, न किसी मेडिकल काउंसिल का लाइसेंस है।  

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