प्रयागराज माघ मेले के शिविर में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर गहरी और भावुक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अग्निहोत्री को सनातन धर्म का वास्तविक आभूषण यानी 'अलंकार' बताते हुए उनके निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया। शंकराचार्य ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि जिस प्रकार एक अधिकारी ने अपनी वर्षों की तपस्या और कठिन परिश्रम से प्राप्त पद को धर्म की मर्यादा की रक्षा के लिए एक झटके में त्याग दिया, वह पूरे सनातनी समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे निष्ठावान लोग समाज में विरले होते हैं जो सत्ता के मोह को त्यागकर सिद्धांतों के लिए खड़े होते हैं।

प्रशासनिक पद से बड़ा दायित्व सौंपने का प्रस्ताव

​स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अग्निहोत्री के साथ संवाद में अपनी दोहरी भावनाओं को साझा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि एक योग्य अधिकारी का पद खोना समाज के लिए दुखद है, क्योंकि इस पद तक पहुंचने के लिए युवा दिन-रात एक कर देते हैं। लेकिन इसी के साथ उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए एक बड़ा प्रस्ताव भी सामने रखा। शंकराचार्य ने कहा कि यदि सरकार ने उन्हें पद मुक्त किया है, तो धर्म की संसद उन्हें गले लगाने के लिए तैयार है। उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री को धर्म के क्षेत्र में सरकारी पद से भी अधिक सम्मानजनक और महत्वपूर्ण दायित्व वाला पद सौंपने की बात कही। यह प्रस्ताव न केवल अग्निहोत्री के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है, बल्कि व्यवस्था को यह संदेश भी देता है कि धर्म रक्षकों का आश्रय सदैव खुला है।

सरकार की नीतियों और तंत्र की विफलता पर कड़े सवाल


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​शंकराचार्य ने इस इस्तीफे को सरकार के अहंकारी रवैये के खिलाफ एक निर्णायक 'सीटी' बताया है। उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि जिस सरकार में छोटे-छोटे बटुकों की चोटियां पकड़कर खींची जाएं और यूजीसी जैसे संस्थानों के माध्यम से हिंदू समाज को बांटने वाले कानून लाए जाएं, वहां एक संवेदनशील अधिकारी का काम करना असंभव हो गया है। उन्होंने इसे संविधान की शपथ लेने वालों का सबसे निकृष्ट कृत्य बताया और बाबा रामदेव जैसे आलोचकों को भी आड़े हाथों लिया। शंकराचार्य के अनुसार, यह इस्तीफा केवल एक व्यक्ति का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि उस तंत्र की हार है जो साधु-संतों और धार्मिक प्रतीकों की गरिमा को सुरक्षित रखने में विफल रहा है।

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