उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। हसनपुर तहसील क्षेत्र के सैदनंगली थाना इलाके में एक 48 साल के अधेड़ व्यक्ति ने चार साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह घटना उस वक्त हुई जब बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोपी की उम्र और उसकी करतूत ने समाज के उस चेहरे को उजागर किया है जहां अब बच्चे अपने घर की दहलीज के बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं। मासूम बच्ची अपनी नानी के साथ रहती थी और मंगलवार की शाम हमेशा की तरह खेल रही थी। तभी घात लगाकर बैठे आरोपी ने उसे चॉकलेट देने के बहाने अपनी बातों में फंसाया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर इस घृणित अपराध को अंजाम दिया।
खून से लथपथ मिली नन्हीं जान
जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद ग्रामीणों और परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर से महज 200 मीटर की दूरी पर नहर के किनारे बच्ची बेसुध और खून से लथपथ हालत में पड़ी मिली। आरोपी उसे मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गया था। आनन-फानन में बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची के निजी अंगों पर गंभीर चोटें आई हैं और उसके शरीर पर खरोंच के गहरे निशान हैं। मासूम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एनकाउंटर
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान पुख्ता की गई। पुलिस ने जाल बिछाया और घटना के महज 12 घंटे के भीतर आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर ली। जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की तो आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक गोली सीधे दरोगा की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा बरामद किया है और घायल आरोपी को इलाज के लिए उसी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां बच्ची का उपचार चल रहा है।
इंसाफ की पुकार और आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई इस तरह की जघन्य वारदात करने की हिम्मत न कर सके। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और कोर्ट में मजबूत पैरवी के जरिए आरोपी को उसके किए की सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पुलिस पीड़ित परिवार के संपर्क में है और बच्ची की सुरक्षा के साथ-साथ उसके इलाज की हर संभव निगरानी की जा रही है। समाज के लिए यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि किस तरह मासूमों के खिलाफ अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है और अपराधियों के मन में कानून का डर खत्म होता जा रहा है।
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