लखनऊ, 26 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान से पहले मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह द्वारा मतदाता सूची में नामों के अनुवाद पर सवाल उठाए जाने के बाद राज्य निर्वाचन विभाग ने इस पर आधिकारिक जवाब दिया है। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है और यह केवल तकनीकी खामी की वजह से हुआ है।

संजय सिंह के सवाल
आप सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित किया था। उन्होंने पूछा कि मतदाता सूची में 'राम ने यादव को मारा' जैसे नाम क्यों दिख रहे हैं और क्या कंप्यूटर जातिवादी मानसिकता से काम कर रहा है। उन्होंने अन्य उपनामों का हवाला देते हुए इसे किसी राजनीतिक एजेंडे से जोड़ने की आशंका जताई थी।

चुनाव आयोग का जवाब
सांसद के आरोपों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के आधिकारिक हैंडल से जवाब जारी किया गया। निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में एक अन्य नाम 'राम ने शर्मा को मारा' भी दर्ज मिला है। आयोग ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि इस चूक में किसी भी तरह का जातिगत भेदभाव नहीं हुआ है। इसके साथ ही आयोग ने तंज कसते हुए कहा कि यह गनीमत रही कि किसी अल्पसंख्यक समुदाय का नाम इसमें नहीं आया, वरना मामले को सांप्रदायिक रंग भी दे दिया जाता।
सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पूरे मामले की स्थिति साफ करते हुए स्वीकार किया कि मतदाता सूची में कुल 158 मतदाताओं अथवा उनके संबंधियों के नाम गलत दर्ज हुए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का मात्र 0.01 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी में नाम टाइप करते समय स्पेस या स्पेलिंग की मानवीय चूक हुई, जिसे ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर ने गलत तरीके से हिंदी में अनुवाद कर दिया।
त्रुटि का उदाहरण
अधिकारियों के अनुसार जैसे किसी मतदाता का नाम 'रामहित यादव' था, तो अंग्रेजी में टाइप करते समय गलती से उसे 'राम हिट यादव' लिख दिया गया। सॉफ्टवेयर ने इसे शब्दशः अनुवाद करते हुए हिंदी में 'राम ने यादव को मारा' दर्ज कर दिया। इसी तरह अन्य मामलों में भी सॉफ्टवेयर की वजह से नामों का अर्थ बदल गया, जिसे बाद में जांच के दायरे में लिया गया।
मतदाता सूची की प्रक्रिया
निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक पहली बार स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची तैयार करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई गई थी। पिछले वर्ष एक नवंबर की अर्हता तिथि के आधार पर 3,43,355 आवेदकों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिसके बाद 6 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। वर्तमान में कुल 14,81,310 मतदाता दर्ज हैं और संशोधन के लिए पूरक सूचियां भी पोर्टल पर जारी की गई हैं।
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