रामपुर के मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बेहटरा निवासी दान सिंह यादव के जीवन में फरवरी का महीना पहले तो नई उम्मीदें लेकर आया था, लेकिन महीने के अंत तक आते-आते सब कुछ उजाड़ गया। पांच सालों से मुख्यमंत्री पर अभद्र टिप्पणी के मुकदमे का सामना कर रहे दान सिंह को जब चार फरवरी को न्यायालय ने दोषमुक्त किया, तो पूरे परिवार के चेहरों पर मुस्कान लौट आई थी। इस दोहरी खुशी को मनाने के लिए उन्होंने एक नई स्विफ्ट कार खरीदी। दान सिंह अपनी आरक्षी पत्नी लता, जो श्रावस्ती में तैनात थीं, और अपने तीन साल के बेटे अवांश के साथ इसी नई कार में सवार होकर नैनीताल की वादियों का आनंद लेने गए थे। किसे पता था कि यह यात्रा उनके सुखी संसार की अंतिम यात्रा साबित होगी।

भीषण टक्कर और धधकती आग का तांडव

​बुधवार की देर रात जब यह परिवार नैनीताल की ठंडी हवाओं के बीच से अपनी यादें समेटकर घर लौट रहा था, तभी थाना गंज क्षेत्र के काशीपुर गांव के पास नियति ने अपना क्रूर खेल खेल दिया। एक अनियंत्रित डंपर ने उनकी नई कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार में अचानक भीषण आग लग गई। कार चला रहे दान सिंह और उनके ममेरे भाई रवि ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन आग की लपटों ने लता और मासूम अवांश को चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मासूम अवांश दम तोड़ चुका था और लता बुरी तरह झुलस चुकी थीं।

अस्पताल के रास्ते में टूटी आखिरी सांस

​गंभीर रूप से झुलसी हुई आरक्षी लता को तुरंत शहजादनगर बाईपास स्थित संजीवनी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बरेली रेफर कर दिया। एम्बुलेंस बरेली की ओर दौड़ रही थी, लेकिन रास्ते में ही लता ने दम तोड़ दिया। वहीं ममेरे भाई रवि का इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है। गुरुवार की सुबह जब जिला अस्पताल के बाहर परिजनों व और ग्रामीणों की भीड़ जुटी, तो माहौल गमगीन हो गया। दान सिंह, जो कुछ दिन पहले तक एक कानूनी लड़ाई जीतने का जश्न मना रहे थे, आज अपनी आंखों के सामने अपना पूरा संसार उजड़ता देख सुध-बुध खो बैठे हैं।

पांच साल के संघर्ष का दुखद अंत

​दान सिंह यादव का कानूनी संघर्ष वर्ष 2021 में शुरू हुआ था, जब मिलक पुलिस ने उन पर मुख्यमंत्री के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी का मामला दर्ज किया था। विवेचना और लंबी अदालती कार्रवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें बेगुनाह पाया था। इस जीत ने उन्हें समाज में खोया सम्मान वापस दिलाया था और इसी वजह से उन्होंने नई कार खरीदकर परिवार के साथ छुट्टियां बिताने का फैसला किया था। वर्तमान में पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के कहर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


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