लखनऊ, 26 अक्टूबर। सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह करीब 10:35 बजे पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। घर के सामने लगे बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु और 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। शिवाजी तिवारी सचिवालय से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला सर कार्यवाह का दायित्व संभाल चुके थे। घटना के तुरंत बाद पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

चबूतरे के पास कार खड़ी करने पर विवाद
ब्राह्मण टोला निवासी शिवाजी तिवारी के घर के सामने एक पुराना बरगद का पेड़ है। इस पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर शिवाजी तिवारी का उनके पड़ोसी ऋषभ शुक्ला के साथ पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। लगभग डेढ़ माह पहले यह विवाद सआदतगंज थाने पहुंचा था, जिसके बाद पुलिस के दखल पर चबूतरा निर्माण का कार्य रोक दिया गया था। सोमवार सुबह शिवाजी तिवारी के बेटे सुयश तिवारी ने उसी विवादित चबूतरे के पास अपनी कार खड़ी कर दी। थोड़ी देर बाद जब शिवाजी के भाई शिवेंद्र तिवारी बाहर निकले, तो ऋषभ शुक्ला कार हटाने को लेकर उनसे उलझ पड़ा और दोनों में कहासुनी शुरू हो गई।

मृतक शिवाजी तिवारी
शोर सुनकर बाहर निकले परिजनों पर फायरिंग
बाहर शोर सुनकर शिवाजी तिवारी भी बीच-बचाव के लिए घर से निकल आए। इसी दौरान तैश में आए ऋषभ शुक्ला ने पास मौजूद असलहे से शिवेंद्र और शिवाजी तिवारी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर शिवाजी के 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी जैसे ही घर से बाहर भागे, आरोपी ने उन्हें भी घर के पास सीढ़ियों पर गोली मार दी। गोलीबारी में शिवाजी तिवारी और उनके बेटे सुयश की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल शिवेंद्र तिवारी को तुरंत ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला
मृतक सुयश की दिसंबर में थी शादी
परिवार पर टूटे इस संकट से इलाके के लोग स्तब्ध हैं। शिवाजी तिवारी के भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे। वहीं, शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी बिजली के सामान का स्वतंत्र कारोबार करते थे। परिजनों के अनुसार आगामी 5 दिसंबर को सुयश का विवाह तय था और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। आरोपी ऋषभ शुक्ला की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह पूर्व में मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर के पद पर कार्यरत था, जहां से उसे बाद में नौकरी से निकाल दिया गया था।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ के पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने बताया कि प्राथमिक जांच में झगड़े की मुख्य वजह पार्किंग का विवाद सामने आई है। पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल के साथ हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर दोनों परिवारों के घरों के बाहर करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ऐहतियात के तौर पर बाहरी लोगों को घरों के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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