राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण और विवादों के करीब दो महीने बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से अयोध्या में दिखाई दिए। उनके अयोध्या पहुंचते ही प्रशासनिक और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।
चंपत राय अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी मंदिर पहुंचे थे। उनके आगमन की खबर मिलते ही मीडियाकर्मी मौके पर एकत्र हो गए और उनकी तस्वीरें व वीडियो बनाने लगे।
कैमरे बंद करने का दिया इशारा
मीडियाकर्मियों को देखते ही चंपत राय का रुख सख्त नजर आया। उन्होंने उंगली से इशारा करते हुए कैमरामैन और मीडियाकर्मियों को तुरंत कैमरे बंद करने की हिदायत दी। उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया, लेकिन उनके चेहरे पर तल्खी साफ देखी जा सकती थी।
'मरते दम तक यहीं रहूंगा'
विवादों और इस्तीफे/हटने की खबरों के बीच चंपत राय ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह अयोध्या छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं। सख्त लहजे में उन्होंने कहा, "मैं मरते दम तक यहीं रहूंगा।" उनके इस बयान को उन सभी अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिनमें उनके अयोध्या छोड़ने या संगठन से पूरी तरह किनारे किए जाने की बातें कही जा रही थीं।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में अनिमितताओं और चोरी के आरोपों के बाद चंपत राय लगातार निशाने पर थे। इस मामले ने तूल पकड़ा तो संगठन और ट्रस्ट के भीतर भी कई तरह के बदलाव और जांच की मांग उठी। विवाद बढ़ने के बाद से ही चंपत राय मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। लगभग दो महीने की शांति के बाद उनका अचानक तपस्वी छावनी पहुंचना और मीडिया के प्रति यह आक्रामक रुख चर्चा का विषय बना हुआ है।
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