उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज चेहरे रहे आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दो पैन कार्ड से जुड़े चर्चित मामले में वर्तमान में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपीलों पर गहन मंथन चल रहा है। पिछले दिनों निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की कैद और जुर्माने की सजा को चुनौती देने के साथ-साथ अब अभियोजन पक्ष इस सजा को और अधिक बढ़ाने की मांग कर रहा है। मंगलवार को अदालत की कार्यवाही के दौरान सरकारी वकीलों ने अपनी दलीलें पेश कीं, जिसमें धोखाधड़ी के गंभीर पहलुओं को रेखांकित किया गया। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन अभियोजन अपनी बहस को आगे जारी रखेगा।
जेल की सलाखों के पीछे भावुक मुलाकात
कानूनी प्रक्रियाओं के बीच जेल में बंद आजम खां और अब्दुल्ला आजम से मिलने उनकी पत्नी व पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा अपने दूसरे बेटे अदीब आजम के साथ रामपुर जेल पहुंचीं। नवंबर माह से जेल में बंद अपने पति और बेटे की सेहत को लेकर तजीन फात्मा काफी चिंतित दिखीं। जेल परिसर में हुई इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान परिवार के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। हालांकि, मुलाकात के बाद जब वह जेल से बाहर निकलीं, तो मीडिया के सवालों से बचती नजर आईं और बिना किसी टिप्पणी के वापस लौट गईं। गौरतलब है कि इससे पहले वह जेल प्रशासन पर आजम खां को जरूरी सुविधाएं न देने के आरोप भी लगा चुकी हैं।
12 फरवरी की सुनवाई पर टिकीं सबकी निगाहें
इस पूरे प्रकरण में 12 फरवरी का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष की कोशिश है कि वह अदालत के सामने पुख्ता सबूत पेश कर यह साबित कर सके कि दो पैन कार्ड बनवाना एक सोची-समझी साजिश थी, जिसके लिए दी गई सजा को बढ़ाना न्यायसंगत है। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष की ओर से भी सजा को रद्द कराने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली गई है। फिलहाल आजम खां और अब्दुल्ला आजम को अभी जेल में ही रहना होगा। राजनीतिक गलियारों में भी इस अदालती कार्यवाही पर करीब से नजर रखी जा रही है क्योंकि इसका सीधा असर सपा नेता के भविष्य की राजनीति और कानूनी स्थिति पर पड़ना तय है।
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