दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एहतियातन हिरासत से तुरंत आजाद करने का आदेश दिया है। यह आदेश आज सुबह तब आया जब दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिए गए तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद पुलिस कस्टडी में चल रहे इन तीनों बड़े नेताओं की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

एक साल तक शांति रखने की पाबंदी
अदालत ने इन युवा नेताओं को राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही कुछ कड़े नियम भी लागू कर दिए हैं। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में साफ कहा है कि अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को अगले एक साल तक दिल्ली में पूरी तरह शांति व्यवस्था बनाकर रखनी होगी। वे आने वाले 12 महीनों तक किसी भी ऐसी गतिविधि या विरोध-प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बन सकते जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो। इसके साथ ही अदालत ने तीनों को पचास-पचास हजार रुपये का जमानती मुचलका भरने के लिए भी कहा है।

विमान से उतरते ही दबोचे गए थे तीनों नेता
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए ये तीनों नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। जैसे ही इनका विमान दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर आकर रुका, वहां पहले से मुस्तैद दिल्ली पुलिस की टीम ने इन तीनों को विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत यह एहतियाती कार्रवाई की थी, ताकि इन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोका जा सके। CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने भी कोर्ट से मिली इस रिहाई की पुष्टि की है।


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