देहरादून, 21 अक्टूबर। उत्तराखंड में मदरसों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का नया फरमान सामने आया है। अब प्रदेश में स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त मदरसों में जुम्मे यानी शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी नहीं होगी। इसके बजाय रविवार को अवकाश रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा विभाग से स्कूल की मान्यता लेने वाले मदरसों को अन्य विद्यालयों की तरह निर्धारित शैक्षिक नियमों का पालन करना होगा। हालांकि, यह आदेश फिलहाल स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त संस्थानों के लिए बताया गया है।
जुम्मे की छुट्टी खत्म, रविवार को पढ़ाई बंद
नई व्यवस्था के तहत मान्यता प्राप्त मदरसों में सोमवार से शनिवार तक नियमित कक्षाएं चलेंगी। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अनुसार, इन संस्थानों को शिक्षा विभाग के निर्धारित शैक्षिक कैलेंडर तथा अन्य नियमों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में समान शैक्षिक व्यवस्था लागू करना है।
मदरसा बोर्ड खत्म, 76 संस्थानों को मान्यता
धामी सरकार ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए नई मान्यता व्यवस्था लागू की है। पहले मदरसा बोर्ड से 452 मदरसों को मान्यता प्राप्त थी। नई व्यवस्था में अब तक 76 संस्थानों को स्कूल के रूप में मान्यता मिली है, जबकि 114 आवेदन शिक्षा विभाग में लंबित हैं।
प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक, हरिद्वार में सर्वाधिक 44, ऊधमसिंह नगर में 24, देहरादून में छह तथा नैनीताल में दो संस्थानों को मान्यता दी गई है।
250 मदरसों को सील करने का दावा
अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, सरकार पहले चरण में 250 ऐसे मदरसों को सील कर चुकी है, जो मदरसा बोर्ड से भी पंजीकृत नहीं थे। विभाग ने इन संस्थानों में दूसरे राज्यों से बच्चों को लाकर पढ़ाए जाने की जानकारी मिलने की बात भी कही है। हालांकि, कार्रवाई से संबंधित विस्तृत प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
नियमों का पालन करना होगा अनिवार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तथा रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है। मान्यता प्राप्त संस्थानों को शिक्षा विभाग के नियमों का पालन करना होगा। नई व्यवस्था शुक्रवार की साप्ताहिक छुट्टी से संबंधित है। उपलब्ध जानकारी में शुक्रवार की नमाज पर किसी प्रतिबंध का उल्लेख नहीं है।
---समाप्त---