देहरादून, 22 अक्टूबर। उत्तराखंड के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के दौरान पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुई नोकझोंक को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह दोनों उनके अच्छे मित्र हैं। वह स्वयं उनसे बातचीत करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस विवाद को समाप्त करने की अपील भी की है। वहीं, मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने व्यवहार को लेकर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें कार्यक्रम के दौरान गायक की खराब तबीयत की जानकारी नहीं थी।

मंच पर हुई नोकझोंक से शुरू हुआ विवाद

यह घटना 18 अक्टूबर की रात नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई थी। दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे। इसी बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। उन्होंने गायक के ठीक से बोल नहीं पाने पर सवाल उठाते हुए शराब पीकर कार्यक्रम में आने का आरोप भी लगाया था।

इस दौरान दलेर मेहंदी ने हाथ जोड़कर मंत्री से मंच छोड़ने का अनुरोध किया। दोनों के बीच हुई बातचीत का वीडियो अगले दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। हालांकि, गायक के शराब के प्रभाव में होने संबंधी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


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मंत्री ने बताया क्यों पहुंचे थे मंच पर

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दलेर मेहंदी एक बड़े कलाकार हैं और इसी कारण उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उनके मुताबिक, प्रस्तुति के दौरान उन्हें लगा कि गायक स्वयं गाने के बजाय रिकॉर्ड किए गए गीतों पर केवल होंठ हिला रहे थे।

उनियाल ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और मेला आयोजन समिति से जुड़े होने के कारण उन पर दर्शकों की अपेक्षाओं का दबाव था। उन्होंने पहले कार्यक्रम के संचालक से बातचीत की और बाद में स्वयं मंच पर पहुंचे।

मंत्री ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को बोलने और चलने में परेशानी हो रही थी, जिससे उन्हें लगा कि वह किसी नशीले पदार्थ के प्रभाव में हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में कोई चिकित्सकीय जांच नहीं कराई गई थी। बाद में उन्हें गायक की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली।

उनियाल का कहना है कि यदि दलेर मेहंदी का स्वास्थ्य ठीक नहीं था, तो उन्हें आयोजकों को पहले ही इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।

सीएम धामी ने की विवाद समाप्त करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड कलाकारों का सम्मान करने वाला राज्य है। उन्होंने संभावना जताई कि कार्यक्रम के दौरान मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मंत्री यह स्पष्ट कर चुके हैं कि उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में जानकारी नहीं थी।

धामी ने कहा कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों उनके अच्छे दोस्त हैं। वह इस संबंध में स्वयं उनसे बातचीत करेंगे। उन्होंने सभी पक्षों से विवाद को यहीं समाप्त करने की अपील की।

मीका सिंह ने की माफी की मांग

दलेर मेहंदी के भाई एवं गायक मीका सिंह ने घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि दलेर मेहंदी शराब का सेवन नहीं करते और पिछले दो वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं।

मीका सिंह ने मंत्री सुबोध उनियाल से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।

अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गायक के व्यवहार को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली जानी चाहिए थी।

कलाकारों के सम्मान का मुद्दा भी उठा

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर सार्वजनिक प्रतिनिधियों से कलाकारों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

इस बीच, मंत्री की ओर से दी गई सफाई और मीका सिंह की सार्वजनिक माफी की मांग के कारण यह विवाद चर्चा में बना हुआ है। एक ओर मंत्री अपनी कार्रवाई के पीछे दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गायक के परिजन उनके स्वास्थ्य और सम्मान का मुद्दा उठा रहे हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों गायक भाइयों से व्यक्तिगत बातचीत करने की बात कही है। इस विवाद पर दलेर मेहंदी की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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