राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके से ऐहतियातन हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके अब पुलिस हिरासत से बाहर आ चुके हैं। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई सशर्त जमानत के बाद कागजी लिखा-पढ़ी पूरी होते ही उन्हें छोड़ दिया गया। शुक्रवार को प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ा था। पुलिस को आशंका थी कि इस प्रदर्शन की वजह से शहर में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने उन्हें जाने की इजाजत दे दी है।
शांति बनाए रखने का वादा
दीपके की यह रिहाई बिना शर्त नहीं हुई है, बल्कि उन्हें एक सख्त मुचलके पर छोड़ा गया है। अदालत के निर्देश पर उनसे तय पीस बॉन्ड भरवाया गया और उस पर दस्तखत कराए गए। इस बॉन्ड की सबसे अहम शर्त यह है कि वह अगले एक साल तक किसी भी तरह से अमन-चैन में खलल नहीं डालेंगे। पुलिस और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर इस तय समय के दौरान किसी भी भड़काऊ गतिविधि या कानून के उल्लंघन का मामला सामने आया, तो बॉन्ड की रकम जब्त होने के साथ-साथ दोबारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मार्च को लेकर थी सख्ती
दीपके को उस वक्त हिरासत में लिया गया था जब वह अपने समर्थकों के साथ 16 अक्टूबर के मार्च की तैयारी में थे। कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में बिना पूर्व मंजूरी के भीड़ जुटाने की कोशिश को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत यह कदम उठाया था। इस धरपकड़ के बाद से ही उनके समर्थक थाने और कचहरी के चक्कर काट रहे थे। पुलिस अफसरों का कहना है कि शहर में शांति बनाए रखना पहली प्राथमिकता थी, जिसके चलते यह कदम उठाना पड़ा।
कागजी खानापूर्ति के बाद छूटे
शनिवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही दीपके को औपचारिक रूप से रिहा कर दिया गया। बेल बॉन्ड और पीस बॉन्ड के कागजात मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए गए, जहां मुचलका मंजूर होते ही रिहाई का परवाना जारी हो गया। थाने से बाहर आने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है, वहीं पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और तय शर्तों की निगरानी की जाएगी।
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