रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी में नवरात्रि के दिनों में कार के पहिए के पास लावारिस हालत में छोड़ी गई नवजात बच्ची ने आखिरकार दम तोड़ दिया। ठंड में खुले में पड़े रहने की वजह से बच्ची की छाती में जकड़न हो गई थी और वह गंभीर निमोनिया की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बाद भी मासूम की सांसें थम गईं।
बीमारी और बदनामी के डर से रची साजिश
जांच-पड़ताल में सामने आया है कि नवजात को जन्म देने वाली युवती अविवाहित है। ये लोग बिलासपुर यूपी के रहने वाले है। अभी थाना ट्रांजिट केंप के वार्ड 7 में रहते हैं। जानकारी के अनुसार युवती का प्रसव उत्तर प्रदेश के बिलासपुर स्थित एक अस्पताल में हुआ था। जन्म के तुरंत बाद डॉक्टरों ने परिजनों को बता दिया था कि बच्ची को सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही है और उसकी हालत काफी नाजुक है। एक तरफ सामाजिक बदनामी का डर और दूसरी तरफ बच्ची की गंभीर बीमारी, इसी के चलते बच्ची की मां, नानी और उनके घर में किराये पर रहने वाले एक युवक ने मिलकर उसे लावारिस छोड़ने का खौफनाक फैसला लिया। योजना के मुताबिक वे मासूम को सिंह कॉलोनी स्थित चर्च के अंदर छोड़ने पहुंचे थे। चर्च में मौका न मिल पाने की वजह से वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके, जिसके बाद उन्होंने मासूम को चर्च के पास ही खड़ी एक कार के पहिए के नीचे रख दिया और वहां से भाग निकले।
फुटेज के सहारे आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की तो उसमें बाइक सवार तीन संदिग्ध नजर आए, जो बच्ची को चुपचाप गाड़ी के पहिए के पास रखकर निकलते दिखे। फुटेज के आधार पर पुलिस ने बाइक का सुराग लगाया और ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में छापा मारकर तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बाइक भी अपने कब्जे में ले ली है।
सीओ सिटी विभव सैनी ने बताया कि
---समाप्त---“मामले में शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सीसीटीवी फुटेज और ठोस सुरागों के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लेकर उनसे थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्ची की मौत के बाद मामले में संबंधित कानूनी धाराएं बढ़ाई जा रही हैं और मेडिकल रिपोर्ट व बयानों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।”