उत्तराखंड की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सुगबुगाहट अभी से तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि बीजेपी एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चेहरे और उनके ही नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। पार्टी के भीतर चल रही बैठकों और केंद्रीय नेतृत्व के रुख से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि देवभूमि में पार्टी का अगला चुनावी दांव धामी के नाम पर ही खेला जाएगा। पिछले कुछ समय से जिस तरह से पार्टी ने उनके कामकाज पर मुहर लगाई है, उससे कार्यकर्ताओं में भी जोश देखा जा रहा है।

​काशीपुर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा

​राजनीतिक गलियारों में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी इस बार अपनी परंपरागत सीट के अलावा काशीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इस कयास के बाद से ही कुमाऊं क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजरें टिक गई हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े सूत्रों का मानना है कि काशीपुर सीट पर धामी का उतरना पार्टी के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम साबित हो सकता है। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन इस सुगबुगाहट ने क्षेत्र के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है।

​विपक्ष पर भारी पड़ेगा धामी का चेहरा

​बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि पिछले कुछ सालों में धामी सरकार ने जिस तरह से सख्त फैसले लिए हैं और युवाओं तथा महिलाओं के मुद्दों पर काम किया है, उसका फायदा चुनाव में मिलेगा। समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाने और नकल विरोधी कानून जैसे फैसलों के बाद से धामी की छवि एक कड़क और बेदाग नेता के रूप में उभरी है। पार्टी को पूरा भरोसा है कि जनता के बीच उनकी यही साफ-सुथरी छवि 2027 की वैतरणी पार कराने में अहम भूमिका निभाएगी। अब देखना यह होगा कि पार्टी आधिकारिक तौर पर इन चर्चाओं पर कब मुहर लगाती है।


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